भारत ने दुनिया को यह बताने की कोशिश की कि वह शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार है।
कहते हैं, युद्ध सिर्फ मैदान में नहीं, बल्कि कूटनीति के गलियारों में भी लड़ा जाता है, और भारत ने यही करके दिखाया है! ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को धूल चटाने के बाद अब भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की मुहिम छेड़ दी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने इस खेल को इतनी खामोशी और चतुराई से अंजाम दिया कि दुनिया देखती रह गई। उन्होंने चीन के विदेश मंत्री से कहा कि अगर पाकिस्तान कोई हरकत करता है तो हम पूरी तरह जवाब देने के लिए तैयार हैं।
डोभाल की चीन को दो टूक- डोभाल ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर दो टूक बात की। उनका संदेश साफ था – भारत शांति चाहता है, लेकिन अगर पाकिस्तान ने उंगली उठाई, तो भारत उसका हाथ मोड़ने में देर नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान ने तनाव बढ़ाने का फैसला किया तो भारत जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बातचीत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आई, जिसमें भारत ने पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को मिसाइलों से नेस्तनाबूद कर दिया। यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले का करारा जवाब था।
वैश्विक कूटनीति में डोभाल का दम…
डोभाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने अमेरिका, ब्रिटेन, सऊदी अरब, यूएई, जापान, रूस और फ्रांस के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क साधा। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, डोभाल ने अमेरिका के एनएसए मार्को रुबियो, ब्रिटेन के जोनाथन पॉवेल, सऊदी अरब के मुसैद अल ऐबन, यूएई के शेख तहनून, जापान के मासाताका ओकानो, रूस के सर्गेई शोइगु और फ्रांस के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार से बात की।
भारत का संदेश बिल्कुल साफ़ है, संयमित है, मगर सख्त भी है ।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि “डोभाल ने सभी को भारत के कदमों की बारीकी समझाई है जैसे हमारा तरीका संयमित और तनाव न बढ़ाने वाला था।
भारत ने साफ कहा – हम जंग नहीं चाहते, लेकिन अगर पाकिस्तान ने हरकत की, तो हम तैयार हैं।”
ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया है, आतंकियों की कब्र खोदकर उन्हें मारा है । ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट, सरजल और PoK के पांच ठिकानों पर सटीक हमले किए। विशेष हथियारों से किए गए इन हमलों ने ISI के पोषित आतंकी ढांचे को तहस-नहस कर दिया।
भारत की अपनी शर्त है शांति, मगर अपनी शर्तों पर शर्त है । अजीत डोभाल ने हर देश को यही समझाया कि भारत ने अपनी सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया।
भारत हमेशा ही शांति का पक्षधर है, लेकिन अपनी रक्षा में कभी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने दोहराया कि भारत पहले हमला नहीं करेगा, मगर हमले का जवाब जरूर देगा।
दुनिया की नजर है और पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए कूटनीतिक की चाल अब बढ़ गई है । अब सारी दुनिया की नजर इस बात पर है कि पाकिस्तान अगला कदम क्या उठाता है।

लेकिन एक बात तो साफ है – भारत ने न सिर्फ मैदान में, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी ताकत का लोहा मनवा दिया है। लोहा ऐसा मनवाया है की बड़े बड़े देश आज भारत के पक्ष में है ।

भारत ने यह बातचीत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत नौ जगहों पर सैन्य कार्रवाई करने के तुरंत बाद की गई। भारत ने दुनिया को यह बताने की कोशिश की कि वह शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार है। इस मामले में भारत का शुरू से कहना है कि उसके निशाने पर आतंकवादी और उनके सरगना हैं, सैन्य कार्रवाई का इरादा पाकिस्तानी जनता या पाकिस्तानी ठिकानों को किसी भी तरह से नुकसान पहुंचाने का नहीं है।

